ओडियानववर्ष- 13 अप्रैल

उत्सवकेपीछेकाकारण – यहसौरवर्षकापहलादिनहै। केवलइसदिन, सूर्यपूरीतरहसेभूमध्यरेखापरटिकीहुईहै।यहदोमौकोंपरहोताहै, जिनकानाम’मेसासंक्रांति’ और’तुलासंक्रांति’ है। महाबिशुबापानासंक्रांतिको 13 अप्रैलकोओडियानववर्षकेरूपमेंमनायाजाताहै।पानासंक्रांतिहरसाल 13 अप्रैलसेशुरूहोतीहै। दिनकानाम “पाना” केनामपररखागयाहैजोएकपेयप्रसादहै।यहदिनबहुतखुशी, सामाजिक, सांस्कृतिकऔरधार्मिकप्रदर्शनोंकेसाथमनायाजाताहै। पानासंक्रांति: यहदिनमनायाजातासौरवर्षकापहलादिनहै।केवलइसदिन, सूर्यपूरीतरहसेभूमध्यरेखापररहताहै।यहदोअवसरोंपरहोताहैजो ‘मेषसंक्रांति’ और ‘तुलासंक्रांति’ हैं। मेषसंक्रांतिकेबाद, सूर्यउत्तरीदिशामेंउसओरबढ़ताहैजहांभारतभूमध्यरेखाकेउत्तरमेंस्थितहै। इसलिएसूर्यकीपहलीचालसेइसदिनसेमेषसंक्रांतिकिनववर्षकीगणनाकीजातीहै। ओड़ियापरंपराकेअनुसार, पानसंक्रांतिकोहिंदूदेवताहनुमानकाजन्मदिनमानाजाताहै।रामायणकेविष्णुअवताररामकेप्रतिउनकीप्रेममयीभक्तिपौराणिकहै। शिवऔरसूर्य (सूर्यदेव) केसाथउनकेमंदिरनएसालमेंपूजनीयहैं।हिन्दूदेवीमंदिरोंमेंभीजातेहैं। समारोह: इसदिन, लोग “पना” यामिश्रीऔरपानीकेमीठेपेयसेभरेएकछोटेबर्तनकाउपयोगकरतेहैंजिसेतुलसी (तुलसी) केपौधेपरलटकादियाजाताहै। बर्तनकेतलपरएकछेदबनायाजाताहैजोपानीकोबर्तनसेगिरनेदेताहैजोबारिशकाप्रतिनिधित्वकरताहै। त्यौहारतटीयक्षेत्रोंमें, ओडिशामेंएककठोरअनुष्ठानिकपालनकेरूपमेंकुछक्षेत्रोंकेशहरोंऔरगांवोंमेंव्यापकरूपसेमनायाजाताहै। इसत्यौहारकोअन्यथाझारुनायात्रा, हिंगुलायात्रायापटुआयात्रा, दंडयात्रा, उदययात्राकासमापनबिशुबासंक्रांतिकेरूपमेंजानाजाताहै।

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