विश्वहीमोफिलियादिवस 17 अप्रैल

प्रसंग:

  • इसदिनकाउद्देश्यहेमोफिलिया, वॉनविलेब्रांडरोगऔरअन्यविरासतमेंमिलेरक्तस्रावविकारोंकेबारेमेंजागरूकताबढ़ानाहै।
  • बढ़ीहुईजागरूकताउनलाखोंलोगोंकीदेखभालकेलिएबेहतरनिदानऔरपहुंचबढ़ाएगीजोबिनाइलाजकेरहतेहैं।
  • 2020 विश्वहीमोफीलियादिवसकाविषयहै(“Get+involved”)
  • दुनियाभरकेरोगीसमूहोंद्वारा 1989 केबादसेइसदिनकोदेखागयाहै।विश्वफेडरेशनऑफहीमोफिलियाकेसंस्थापकफ्रैंकश्नाबेलकीजयंतीकोसम्मानितकरनेकेलिएतारीखकाचयनकियागयाथा।


बीमारीकेबारेमें:

  • हीमोफिलियाएकविकारहैजिसमेंरक्तसामान्यरूपसेनहींचढ़ताहै।यहरोगचोटकेनुकसानकेबादअत्यधिकरक्तस्रावकाकारणहोगा।
  • रोगकेलक्षणोंमेंगहरीचोट, जोड़ोंमेंदर्द, सूजन, अस्पष्टरक्तस्रावऔरमूत्रयामलमेंरक्तशामिलहैं।
  • हीमोफिलियाको “शाहीरोग” कहाजाताहै।
  • हीमोफिलियाजीनरूस (स्पेन, जो 1837 मेंइंग्लैंडकीरानीबनी) सेरूस, स्पेनऔरजर्मनीकेशासकपरिवारोंकोप्रेषितकियागयाथा।क्वीनविक्टोरियामेंहीमोफिलियाकाजीनसहजउत्परिवर्तनकेकारणहुआथा।
  • हीमोफिलियाअनुसंधान 1900 केआसपासशुरूहुआ।वैज्ञानिकोंनेपायाकिमानवरक्तकोसमूहोंयाप्रकारोंमेंविभाजितकियाजासकताहै।
  • इसखोजनेरक्तसंक्रमणकोऔरअधिकसफलबनादिया। 1930 मेंवैज्ञानिकोंनेइसकेप्रमुखभागों, प्लाज्माऔरलालकोशिकाओंमेंरक्तकोअलगकरनासीखा। 1960 केदशकमेंडॉ।जूडिथग्राहमपूलनेक्रायोप्रिसेपिट्रेटप्रक्रियाकीखोजकी, जोहेमोफिलियाकेकभीभीदिखाईदेनेवालेरक्तस्रावकोरोकनेकासबसेअच्छातरीकाहै।

Published by Parkavi Priyadharshini

Am Parkavipriyadharshini K, Engineering graduate. Interested in UPSC. Worked as content developer, soft skill trainer. Now as a administrator of Future Officers blog

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