भारतमेंकेंद्रशासितप्रदेश

केंद्रशासितप्रदेशक्याहै?


• संविधानकेप्रावधानोंकेअनुसार, आजादीकेदौरान, केंद्रशासितप्रदेशयातोभारतकाहिस्सानहींथेयावेराज्यबनानेकेलिएबहुतछोटेथे।


• इसकेअलावा, 1956 मेंराज्यपुनर्गठनआयोगनेकेंद्रशासितप्रदेशनामकेइनक्षेत्रोंकेलिएएकअलगश्रेणीबनानेकीसिफारिशकी।


केंद्रशासितप्रदेशोंकाइतिहास


• ‘संघराज्यक्षेत्र’ कीअवधारणाभारतकेलिएअद्वितीयहै।


• पहलीबार 1956 केराज्यपुनर्गठनअधिनियममेंपेशकियागया, यहशब्दउनक्षेत्रोंकोसंदर्भितकरताहैजोस्वतंत्रहोनेकेलिएबहुतछोटेथेयाउनराज्योंकेसाथविलयहोनेकेलिएबहुतअलग (आर्थिक, सांस्कृतिकयाभौगोलिकरूपसे) अलगथे।इनक्षेत्रोंकोसीधेकेंद्रद्वाराप्रशासितकियाजानाथा।


• राज्यपुनर्गठनआयोग (SRC) “18 वींसदीकेकरीब” मेंमौजूद “प्रमुखऔरछोटेप्रांतों” सेप्रेरितथा।इन्हेंक्रमशःगवर्नरऔरमुख्यआयुक्तऔरकेंद्रसरकारद्वाराप्रबंधितकियागयाथा।


• राज्यपुनर्गठनआयोग (SRC) “18 वींसदीकेकरीब” मेंमौजूद “प्रमुखऔरछोटेप्रांतों” सेप्रेरितथा।इन्हेंक्रमशःगवर्नरऔरमुख्यआयुक्तऔरकेंद्रसरकारद्वाराप्रबंधितकियागयाथा।


• शुरूमें, संविधाननेअनुसूची 1 मेंचारअलग-अलगक्षेत्रोंकेक्षेत्रोंकोमान्यतादीथी: पूर्वब्रिटिशभारतकेप्रांत (भागए), रियासतें (भागबी), मुख्यआयुक्तप्रांत (भागसी) औरअंडमानऔरनिकोबारद्वीपसमूह (भागडी)।


संघराज्यक्षेत्र: संवैधानिकस्थिति
• जबराज्योंकोपुनर्गठितकियागया, तोपार्टडीसंघशासितप्रदेशोंकेलिएआधारबनगया। 1956 मेंराज्योंकेपुनर्गठनपरचर्चाकेदौरान, राज्यपुनर्गठनआयोगनेइनक्षेत्रोंकेलिएएकअलगश्रेणीकेनिर्माणकीसिफारिशकीक्योंकिवेनतोकिसीराज्यकेमॉडलमेंफिटहोतेहैंऔरनहीशासनमेंआनेपरवेएकसमानपैटर्नकापालनकरतेहैं।
• केंद्रशासितप्रदेशभारतकेसंविधानकीअनुसूची I भाग II मेंनिर्दिष्टहैं।
• येक्षेत्रभारतकेसंविधानकेअनुच्छेद 239 से 241 केप्रावधानोंकेअनुसारप्रशासितहैं।
• भारतसरकार (व्यवसायकाआबंटन) नियम 1961 केतहत, गृहमंत्रालयविधान, वित्तऔरबजटसेसंबंधितकेंद्रशासितप्रदेशोंकेसभीमामलों, उपराज्यपालोंऔरप्रशासकोंकीसेवाओंऔरनियुक्तिकेलिएनोडलमंत्रालयहै।

• भारतसरकार (व्यवसायकाआबंटन) नियम 1961 केतहत, गृहमंत्रालयविधान, वित्तऔरबजटसेसंबंधितकेंद्रशासितप्रदेशोंकेसभीमामलों, उपराज्यपालोंऔरप्रशासकोंकीसेवाओंऔरनियुक्तिकेलिएनोडलमंत्रालयहै।
• प्रत्येककेंद्रशासितप्रदेशकोभारतकेसंविधानकेअनुच्छेद 239 केतहतराष्ट्रपतिद्वारानियुक्तएकप्रशासकद्वाराप्रशासितकियाजाताहै।
• अंडमानऔरनिकोबारद्वीपसमूह, पुदुचेरीऔरदिल्लीमें, प्रशासककोउपराज्यपालकहाजाताहै, जबकिचंडीगढ़, दादराऔरनगरहवेली, दमनऔरदीवऔरलक्षद्वीपमेंउन्हेंप्रशासककेरूपमेंजानाजाताहै।


भारतमें 9 केंद्रशासितप्रदेश:

• अंडमानऔरनिकोबारद्वीपसमूह, चंडीगढ़, दादराऔरनागरहवेलीऔरदमनऔरदीव, राष्ट्रीयराजधानीक्षेत्रदिल्ली, जम्मूऔरकश्मीर, लक्षद्वीप, लद्दाखऔरपुदुचेरी।


केंद्रशासितप्रदेशोंमेंअपनेस्वयंकेनिर्वाचितविधानसभाओंऔरसरकारोंकेसाथ:

नाम
UT स्थापित

दिल्ली

1 नवंबर 1956

जम्मूऔरकश्मीर
31 अक्टूबर 2019

पांडिचेरी

1 नवंबर 1954


निर्वाचितविधानसभाओंकेबिनाकेंद्रशासितप्रदेश:


अंडमानवनोकोबारद्वीपसमूह


1 नवम्बर 1956

चंडीगढ़

1 नवंबर 1966


दादराऔरनगरहवेलीऔरदमनऔरदीव  

26 जनवरी 2020

लक्षद्वीप
1 नवंबर 1956

लद्दाख
31 अक्टूबर  2019

पूर्वकेंद्रशासितप्रदेश:

नाम
UT
स्थापित
यूटीभंगहोगयाआजकाहिस्सा

अरुणाचलप्रदेश

21 जनवरी 1972

20 फरवरी 1987
एकभारतीयराज्यकेरूपमें

दादराऔरनगरहवेली

11 अगस्त 1961

26 जनवरी 2020

दादराऔरनगरहवेलीऔरदमनऔरदीवकेंद्रशासितप्रदेश

दमनऔरदीव


30 मई 1987  

26 जनवरी 2020

दादराऔरनगरहवेलीऔरदमनऔरदीवकेंद्रशासितप्रदेश

गोवा, दमनऔरदीव

19 दिसंबर 1961

30 मई 1987

गोवाराज्यऔरदादराऔरनगरहवेलीऔरदमनऔरदीवकेंद्रशासितप्रदेश

हिमाचलप्रदेश

1 नवंबर 1956
25 जनवरी 1971
एकभारतीयराज्यकेरूपमें

मणिपुर

1 नवंबर 1956

21 जनवरी 1972

एकभारतीयराज्यकेरूपमें

मिजोरम

21 जनवरी 1972

20 फरवरी 1987

एकभारतीयराज्यकेरूपमें

नगालैंड

29 नवंबर 1957

1 दिसंबर 1963

एकभारतीयराज्यकेरूपमें

त्रिपुरा


1 नवंबर 1956
21 जनवरी 1972
एकभारतीयराज्यकेरूपमें


केंद्रशासितप्रदेशोंकीशक्ति


•केंद्रशासितप्रदेशोंकाप्रशासनराष्ट्रपतिद्वाराकियाजाताहैजोअधिकतमसीमातकशक्तिकाप्रयोगकरसकतेहैं।
• अंडमानऔरनिकोबारद्वीपसमूह, दिल्लीऔरपुदुचेरीकेप्रशासकोंकोलेफ्टिनेंटगवर्नरकेरूपमेंनामितकियागयाहै।
• पंजाबकेराज्यपालसमवर्तीरूपसेचंडीगढ़केप्रशासकहैं।दादराऔरनगरहवेलीकेप्रशासकसमवर्तीरूपसेदमनऔरदीवकेप्रशासकहैं।लक्षद्वीपमेंएकअलगप्रशासकहै।
• दिल्लीऔरकेंद्रशासितप्रदेशपुडुचेरीकेएनसीटीमेंप्रत्येककेपासविधानसभाऔरमंत्रियोंकीपरिषदहै।पुडुचेरीकेसंघशासितप्रदेशकीविधानसभासंविधानकीसातवींअनुसूचीमेंसूची II यासूची III मेंशामिलमामलोंकेसंबंधमेंकानूनबनासकतीहैजहाँतकयेमामले UT केसंबंधमेंलागूहोतेहैं।

• दिल्लीकीएनसीटी (NCT) कीविधानसभाकेपासभीयेअधिकारहैंकिअपवाद 2 कीसूची 1, 2 और 18 कीप्रविष्टियाँविधानसभाकीविधायीक्षमताकेभीतरनहींहैं।हालांकि, विधेयकोंकीकुछश्रेणियोंकोविधानसभामेंपेशकरनेकेलिएकेंद्रसरकारकीपूर्वस्वीकृतिकीआवश्यकताहोतीहै।

• पुडुचेरीऔरदिल्लीकेNCT केविधानसभाद्वारापारितकुछविधेयकोंकोराष्ट्रपतिकेविचारऔरसहमतिकेलिएआरक्षितकियाजानाआवश्यकहै।

जम्मूऔरकश्मीरकेलिएविधायीशक्तिकाविस्तार
• जम्मूऔरकश्मीरपुनर्गठनविधेयक, 2019 जम्मू-कश्मीरकेसंघटककेगठनकामार्गप्रशस्तकरताहै।

• यहदोअन्यसंघशासितप्रदेशों – दिल्लीऔरपुदुचेरीकेएनसीटीमेंशामिलहोजाएगा – जोसंविधानकेअनुच्छेद 239 ए(Article 239 A)केमाध्यमसे, कुछविषयोंपरकानूनबनानेकेलिएएकविधानसभाहैऔरउपराज्यपालकीसहायताकेलिएएकमुख्यमंत्रीकीअध्यक्षतामेंएकपरिषदहै।ऐसेकानूनसेसंबंधितविषयोंपरराज्यपाल।
• विधानसभाकेदायरेसेबाहरकेविषयोंकेलिए, उपराज्यपालकोमुख्यमंत्रीकीसहायताऔरसलाहकीआवश्यकतानहींहै।
• विधेयककीधारा 13 मेंकहागयाहैकिसंविधानकेअनुच्छेद 239 एमेंशामिलप्रावधानजोपुडुचेरीकेसंघशासितप्रदेशकेलिएलागूहैं, वहभीजम्मू-कश्मीरकेसंघराज्यक्षेत्रपरलागूहोंगे।यूटीअसेंबलीकेपासराज्यसूचीऔरसमवर्तीसूचीकेतहतमामलोंपरकानूनबनानेकीशक्तिहै, जोउनविषयोंकोछोड़करजोविशेषरूपसेकेंद्रसरकारकेदायरेमेंहैं।
• जम्मूऔरकश्मीरविधेयकमें, धारा 32 काप्रस्तावहैकिविधानसभा “सार्वजनिकव्यवस्था” और “पुलिस” सेसंबंधितराज्यविषयोंकोछोड़करराज्यऔरसमवर्तीसूचीमेंकिसीभीविषयपरकानूनबनासकतीहै।इसलिए, इनदोनोंविषयोंपरसभीकानूनसीधेकेंद्रकेअधीनहोंगे।दिल्लीमेंभीयहीहालहै।

• दिल्लीमें, अनुच्छेद 239AA केसम्मिलनऔरसंसदद्वारापारितछब्बीसवेंसंवैधानिकसंशोधनकेआधारपर, विधानसभाराज्यसूचीकीप्रविष्टि 18 मेंमामलोंपरकानूननहींबनासकतीहै, जोकिभूमिहै।जम्मू-कश्मीरमेंविधानसभाऐसाकरसकतीहै।

• इसकेअलावा, विधेयककीधारा 53 (2) (iii) मेंकहागयाहैकिउपराज्यपाल, अपनेकार्योंकेअभ्यासमें, अपनेविवेकसेकार्यकरेंगे, “अखिलभारतीयसेवाओंऔरभ्रष्टाचारनिरोधकब्यूरो” सेसंबंधितमामलोंमें।इसलिए, एसीबीसेसंबंधितसभीनियुक्तियांऔरअन्यप्रशासनिकमामलेसीधेउपराज्यपालकेअधीनहोंगे।

• इसकेअलावा, विधेयककाभागXIII औरधारा 88 (4) यहस्पष्टकरताहैकिउपराज्यपालकेपासभारतीयप्रशासनिकसेवा, भारतीयपुलिससेवाऔरभारतीयवनसेवाकेअधिकारियोंकीरचना, शक्तिऔरआवंटनसेसंबंधितविवेकाधीनअधिकारहोंगे।

• इसकेअलावा, विधेयककाभागXIII औरधारा 88 (4) यहस्पष्टकरताहैकिउपराज्यपालकेपासभारतीयप्रशासनिकसेवा, भारतीयपुलिससेवाऔरभारतीयवनसेवाकेअधिकारियोंकीरचना, शक्तिऔरआवंटनसेसंबंधितविवेकाधीनअधिकारहोंगे।

Published by Parkavi Priyadharshini

Am Parkavipriyadharshini K, Engineering graduate. Interested in UPSC. Worked as content developer, soft skill trainer. Now as a administrator of Future Officers blog

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