GS – 2
अंतरराष्ट्रीय
COVID-19 चुनौतियोंकोसंबोधितकरनेकेलिएभारत-अमेरिका:
- IUSSTF (इंडो-यूएससाइंसएंडटेक्नोलॉजीफोरम) नेभारतीयऔरअमेरिकीवैज्ञानिकोंसेप्रस्तावआमंत्रितकिएहैं।
- प्रस्ताव COVID-19 अनुसंधानमेंभारत-अमेरिकासाझेदारीकेमूल्योंऔरलाभोंकोप्रदर्शितकरेगा।
IUSSTF:
- IUSSTF मार्च 2000 मेंस्थापितकियागयाथा।यहभारतऔरअमेरिकाकेबीचएकसमझौतेकेतहतस्थापितकियागयाथा।यहएकस्वायत्तसंगठनहैजिसेदोनोंसरकारोंद्वारासंयुक्तरूपसेवित्तपोषितकियाजाताहै।यहविज्ञान, इंजीनियरिंग, नवाचारऔरप्रौद्योगिकीकेक्षेत्रमेंसरकारोंकेबीचबातचीतकोबढ़ावादेताहै।
IUSSTF केउद्देश्य:
- IUSSTF काउद्देश्यविनिमयकार्यक्रमोंकेमाध्यमसेजागरूकतापैदाकरनाहै।यहनवाचारकोबढ़ावादेनेकेलिएसार्वजनिक-निजीभागीदारीकोभीप्रोत्साहितकरताहै।
प्रमुखविशेषताऐं:
- वैश्विकभागीदारीऔरसहयोग COVID-19 केसमाधानखोजनेकेलिएदुनियाकेविभिन्नहिस्सोंकेवैज्ञानिकोंऔरइंजीनियरोंकोएकसाथलारहेहैं।
- स्वास्थ्यऔरकल्याण
पहलीदूरस्थस्वास्थ्यनिगरानीप्रणाली:
- इसकीस्थापनाभारतमेंअखिलभारतीयआयुर्विज्ञानसंस्थान (AIIMS) द्वाराभारतहेवीइलेक्ट्रॉनिक्सलिमिटेड (BHEL) केसाथऋषिकेशमेंकीगईहै।
- इसप्रणालीकोउत्तराखंडराज्यमेंCOVID-19 रोगियोंकीनिगरानीकेलिएउपयोगकिएजानेकीउम्मीदहै।
- डिजिटलचिकित्साप्रणालीविकसितकीगईहैताकिएम्समेंबैठेडॉक्टरघरपररोगीकेशरीरकेतापमानऔररक्तमेंऑक्सीजनकीमात्राऔरउसकीसांसकीगतिपरनजररखसकें।
- चिकित्सीयप्रणालीरोगीकोअनावश्यकरूपसेअस्पतालमेंभर्तीनहींकरेगी।
- प्रणालीकाउपयोगकरतेहुए, रोगीकेमहत्वपूर्णमापदंडोंकोएम्सकमांडऔरनियंत्रणकेंद्रमेंप्रदर्शितकियाजाएगा।
- रोगीअपनीबीमारीकेबारेमेंडॉक्टरोंकोसूचितकरसकतेहैंऔरडॉक्टररोगीद्वाराबताएगएलक्षणोंकोदेखकरउचितपरामर्शदेंगे।
- यदिमरीजकोकोरोनासंक्रमणकासंदेहहै, तोउसेसंस्थानसेएकनिगरानीकिटप्रदानकीजाएगी।मरीजअपनेघरपरबैठकरडॉक्टरसेसलाहलेसकताहै।
- किटमरीजकोअस्पतालमेंभर्तीकरनेकीआवश्यकताहोनेपर
चेतावनीजारीकरेगी। - सिस्टमयहभीदिखाएगाकिराज्यकेकिनहिस्सोंमेंबीमारीगंभीररूपसेफैलरहीहै।
सरकारकीनीतियांऔरयोजनाएँ
ई-नाम (eNAM)
- ई-नाम (eNAM)14 अप्रैल 2016 कोशुरूकियागयाथा।ई-नाम (eNAM)भारतमेंकृषिउत्पादोंकेलिएएकऑनलाइनट्रेडिंगपोर्टलहै।
- राष्ट्रीयकृषिबाजारपोर्टल, ई-नाम (eNAM)नेकार्यान्वयनके 4 सालपूरेकिए।लक्ष्य: एग्री-प्रोडक्शनकेलिए “वननेशन, वनमार्केट” हासिलकरना।
- अतिरिक्त 415 मंडियोंकोकवरकरनेकेलिएई-नाम (eNAM)काविस्तारकियागयाहैजोजल्दहीई-नाम (eNAM)मंडियोंकीकुलसंख्याको 1000 तकलेजाएगा
- 1.66 करोड़सेअधिककिसानोंऔर 1.28 लाखव्यापारियोंनेई-नाम (eNAM)प्लेटफॉर्मपरपंजीकरणकिया।पंजीकरणकरके, किसानसभीई-नाम (eNAM)मंडियोंमेंव्यापारियोंकोअपनीउपजऑनलाइनबिक्रीकेलिएअपलोडकरसकतेहैं।
- व्यापारीकिसीभीस्थानसेई-नाम (eNAM)परबिक्रीकेलिएउपलब्धलॉटकेलिएबोलीलगासकतेहैं।
- इसइंटरफेसकेसाथ, व्यापारियोंनेई-नाम (eNAM)प्लेटफॉर्मकेमाध्यमसे 7.76 लाखसेअधिकट्रकोंतकपहुंचबनाईहै।
- यहकृषिऔरकिसानकल्याणमंत्रालय, भारतसरकारकेअधीनकार्यकरताहै।केंद्रीयमंत्रीनरेंद्रसिंहतोमरहैं।मंचउनकीउपजकेसुचारूविपणनकीसुविधादेताहै।